Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
फà¥à¤²à¥‚ (इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा) à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो आपको कई दिनों तक काम करने और अपनी सामानà¥à¤¯ गतिविधियों को करने में असमरà¥à¤¥à¤¤à¤¾ के साथ छोड़ सकती है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ बहà¥à¤¤ गंà¤à¥€à¤° हो सकते हैं, जिससे जीवन के लिठखतरा पैदा हो सकता है। उचित और ततà¥à¤•ाल चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
फà¥à¤²à¥‚ कà¥à¤¯à¤¾ है?
फà¥à¤²à¥‚, जिसे अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा कहा जाता है, à¤à¤• वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो आपकी नाक, गले और फेफड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। यह अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€ के साथ à¤à¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ होता है। हालांकि, यह à¤à¤• अलग सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€ से अधिक गंà¤à¥€à¤° है।
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा के वायरस लगातार बदल रहे हैं, नठसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¨ नियमित रूप से सामने आ रहे हैं। यदि आप पहले इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा से पीड़ित हैं, तो आपके शरीर में पहले से ही उस विशिषà¥à¤Ÿ वायरस के तनाव से लड़ने के लिठà¤à¤‚टीबॉडी बना चà¥à¤•े हैं। यदि à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस उन लोगों के समान हैं जिनका आपने अतीत में सामना किया है (या तो बीमारी होने या टीका लगवाने से), तो वे à¤à¤‚टीबॉडी संकà¥à¤°à¤®à¤£ को रोक सकते हैं या इसकी गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ को कम कर सकते हैं। हालांकि, समय के साथ à¤à¤‚टीबॉडी का सà¥à¤¤à¤° कम हो सकता है।
इसके अलावा, आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पहले सामना किठगठइनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤‚टीबॉडी आपको नठइनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा उपà¤à¥‡à¤¦à¥‹à¤‚ से नहीं बचा सकते हैं जो आपके पहले के वायरस से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रूप से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकते हैं।
फà¥à¤²à¥‚ के लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सरà¥à¤¦à¥€ के विपरीत, इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ अचानक और गंà¤à¥€à¤° होती है। इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा के लकà¥à¤·à¤£ हैं:
बहती या बंद नाक
बà¥à¤–ार और ठंड लगना
छींक आना
गला खराब होना
मांसपेशियों में दरà¥à¤¦
पसीना
साà¤à¤¸à¥‹à¤‚ की कमी
सिरदरà¥à¤¦ और आंखों में दरà¥à¤¦
सूखी और लगातार खांसी
थकान
उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ (बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक आम)
मà¥à¤à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤?
आमतौर पर, फà¥à¤²à¥‚ को किसी चिकितà¥à¤¸à¤•ीय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है। हालांकि, अगर आपको लगता है कि आपको फà¥à¤²à¥‚ होने का खतरा है, जिससे जटिलताà¤à¤‚ हो सकती हैं, तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें। देखने के लिठकà¥à¤› महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ संकेत हैं:
सांस लेने में कठिनाई और/या सीने में दरà¥à¤¦
चकà¥à¤•र आना
बरामदगी
मौजूदा चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बिगड़ते लकà¥à¤·à¤£
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• थकावट
निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण
मांसपेशियों में दरà¥à¤¦
हमारे डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ के साथ अपॉइंटमेंट बà¥à¤• करें
फà¥à¤²à¥‚ का निदान कैसे किया जाता है?
आमतौर पर, डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा का आसानी से निदान कर सकते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€, आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शरीर में इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की जांच के लिठà¤à¤• परीकà¥à¤·à¤£ का आदेश दे सकता है। सबसे आम परीकà¥à¤·à¤£ पीसीआर (पोलीमरेज़ चेन रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨) परीकà¥à¤·à¤£ है।
फà¥à¤²à¥‚ के उपचार कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, आराम करने, हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहने और अचà¥à¤›à¥€ तरह से खाने से समसà¥à¤¯à¤¾ का समाधान हो सकता है। हालांकि, यदि आप जटिलताओं के विकास के जोखिम में हैं, तो आपको à¤à¤• à¤à¤‚टीवायरल दवा दी जा सकती है। कà¥à¤› à¤à¤‚टीवायरल दवाà¤à¤‚ हैं:
ओसेलà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤µà¤¿à¤°
ज़ानामिविर
बालोकà¥à¤¸à¤¾à¤µà¤¿à¤°
पेरामिविर
लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने और असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ को कम करने के लिठघरेलू उपचार, इनहेलर और बाम का उपयोग किया जा सकता है।
फà¥à¤²à¥‚ से ठीक होने में कितना समय लगता है?
फà¥à¤²à¥‚ की चपेट में आने वाले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग à¤à¤• या दो हफà¥à¤¤à¥‡ में ठीक हो जाते हैं। लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर तीन से पांच दिनों के à¤à¥€à¤¤à¤° कम हो जाते हैं। यदि लकà¥à¤·à¤£ बिगड़ जाते हैं या à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद à¤à¥€ वही रहते हैं, तो तà¥à¤°à¤‚त चिकितà¥à¤¸à¤¾ सहायता लें। फà¥à¤²à¥‚ से हर साल जितने लोग मरते हैं, संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज करना और जटिलताओं को विकसित होने से रोकना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यदि गंà¤à¥€à¤° जटिलताà¤à¤‚ होती हैं, तो उनका इलाज चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² से किया जा सकता है।
मैं फà¥à¤²à¥‚ को कैसे रोक सकता हूं?
अपने हाथ धोà¤à¤‚: अपने हाथों को अकà¥à¤¸à¤° कम से कम 20 सेकंड के लिठकà¥à¤²à¥€à¤‚जर से धोà¤à¤‚। यह संपरà¥à¤• से संचारित होने वाले कई संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ को रोकने में मदद कर सकता है। साबà¥à¤¨ उपलबà¥à¤§ न होने पर हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें।
अपने चेहरे को छूने से बचें: अपने चेहरे को बार-बार छूने से बचें, खासकर जब आप किसी सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर हों। घर लौटने के बाद तà¥à¤°à¤‚त हाथ धो लें।
साफ सतहें: साफ सतहें जैसे टेबल, डेसà¥à¤•, दरवाजे आदि अकà¥à¤¸à¤° संपरà¥à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से फà¥à¤²à¥‚ के पà¥à¤°à¤¸à¤¾à¤° को रोकने के लिà¤à¥¤
खांसते या छींकते समय अपना चेहरा ढकें: खांसते या छींकते समय à¤à¤• कपड़े, ऊतक या अपनी कोहनी का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करें। खांसते या छींकते समय लोगों से दूर देखना याद रखें। इतना करने के बाद अपने हाथ धो लें।
टीकाकरण: जब कोई महामारी चल रही हो, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप अपने शरीर को वायरस से लड़ने के लिठतैयार करने के लिठइनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा के टीके ले रहे हैं।
महामारी होने पर लोगों से मिलने से बचें: कारà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ à¤à¤µà¤¨à¥‹à¤‚, सà¥à¤•ूलों, सà¤à¤¾à¤—ारों, कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤²à¥‹à¤‚ और सारà¥à¤µà¤œà¤¨à¤¿à¤• परिवहन जैसी à¤à¥€à¤¡à¤¼ होने पर फà¥à¤²à¥‚ आसानी से फैलता है पीक फà¥à¤²à¥‚ के मौसम में बहà¥à¤¤ अधिक लोगों से मिलने से बचें। यह फà¥à¤²à¥‚ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने की आपकी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं को कम करने में मदद कर सकता है। यदि आप बीमार हैं, तो ठीक होने के बाद à¤à¤• दिन के लिठघर पर रहें ताकि आप दूसरों को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ न करें।
फà¥à¤²à¥‚ के जोखिम कारक कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
उमà¥à¤°: 6 महीने से 5 साल की उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ और 65 साल से अधिक उमà¥à¤° के वयसà¥à¤• फà¥à¤²à¥‚ की चपेट में अधिक आते हैं।
जीवनशैली और कारà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¥à¤²: जो लोग à¤à¥€à¤¡à¤¼-à¤à¤¾à¤¡à¤¼ वाली जगहों पर रहते हैं या काम करते हैं, जैसे कि नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग होम, अनाथालय, कारखाने या सैनà¥à¤¯ बैरक में फà¥à¤²à¥‚ विकसित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है। असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में काम करने वाले या रहने वाले लोग à¤à¥€ उचà¥à¤š जोखिम में हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾: गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा और इसकी जटिलताओं के विकसित होने का खतरा दूसरों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक होता है, खासकर पहली तिमाही के बाद।
कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€: कà¥à¤› उपचार और दवाà¤à¤‚ जो आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को कमजोर कर सकती हैं जैसे कि कैंसर का उपचार, सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ का लंबे समय तक उपयोग, असà¥à¤µà¥€à¤•ृति-रोधी दवाà¤à¤‚, अंग पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ आदि। इससे वायरस को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करना और गंà¤à¥€à¤° बीमारी का कारण बनना आसान हो जाता है। .
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥€ बीमारियां: फेफड़े के रोग, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के रोग, हृदय रोग, चयापचय संबंधी विकार, और वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— की असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾, और / या रकà¥à¤¤ रोग जैसी दीरà¥à¤˜à¤•ालिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ आपके इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा और इसकी जटिलताओं के जोखिम को बहà¥à¤¤ बढ़ा सकती हैं।
19 वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° में à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ का उपयोग: जो लोग 19 वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के हैं और à¤à¤¸à¥à¤ªà¤¿à¤°à¤¿à¤¨ थेरेपी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर रहे हैं, उनमें इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा विकसित होने का खतरा अधिक होता है। परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प वे रेये सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® à¤à¥€ विकसित कर सकते हैं।
मोटापा: 40 से ऊपर बीà¤à¤®à¤†à¤ˆ वाले लोगों में फà¥à¤²à¥‚ और इसकी जटिलताओं के विकास का उचà¥à¤š जोखिम होता है।
कà¥à¤¯à¤¾ फà¥à¤²à¥‚ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कोई जटिलताà¤à¤‚ हैं?
फà¥à¤²à¥‚ की जटिलताà¤à¤‚ काफी दà¥à¤°à¥à¤²à¤ हैं। हालांकि, उनमें से कà¥à¤›, जैसे निमोनिया, घातक हो सकते हैं, और इसलिठजटिलताओं का निदान और उपचार करना सबसे अचà¥à¤›à¤¾ है, यदि आपके पास कोई है, तो तà¥à¤°à¤‚त। उनमें से कà¥à¤› हैं:
नà¥à¤¯à¥‚मोनिया
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस
कान के संकà¥à¤°à¤®à¤£
हृदय की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚
असà¥à¤¥à¤®à¤¾ à¤à¤¡à¤¼à¤•ना
तीवà¥à¤° शà¥à¤µà¤¸à¤¨à¤¤à¤‚तà¥à¤° संबंधी कठिनाई रोग
निषà¥à¤•रà¥à¤·
फà¥à¤²à¥‚ à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ के दौरान आराम करना, बहà¥à¤¤ सारे तरल पदारà¥à¤¥ पीना और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाना बेहद जरूरी है।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ (à¤à¤«à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚)
1. फà¥à¤²à¥‚ कैसे फैलता है?
यदि आप किसी दूषित वसà¥à¤¤à¥ को छूने के बाद अपनी नाक, आंख या मà¥à¤‚ह को छूते हैं तो आपको फà¥à¤²à¥‚ हो सकता है या हो सकता है। यदि आपके आस-पास कोई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ छींकता है या खांसता है तो आपको à¤à¥€ यह हो सकता है।
2. कà¥à¤¯à¤¾ बरà¥à¤¡ फà¥à¤²à¥‚ के लिठकोई टीकाकरण है?
नहीं, बरà¥à¤¡ फà¥à¤²à¥‚ के लिठकोई टीकाकरण नहीं है। इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा के टीके à¤à¤µà¤¿à¤¯à¤¨ फà¥à¤²à¥‚ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ नहीं करते हैं।
3. फà¥à¤²à¥‚ के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
इनà¥à¤«à¥à¤²à¥à¤à¤‚जा फà¥à¤²à¥‚ वायरस के कारण होता है। यह संपरà¥à¤• और हवा से आसानी से फैल सकता है। यदि आप किसी दूषित सतह को छूते हैं और अपना हाथ अपनी नाक, आंख या मà¥à¤‚ह पर लाते हैं, तो आपको यह रोग हो सकता है। à¤à¤¸à¤¾ ही तब होता है जब आप दूषित हवा में सांस लेते हैं, उदाहरण के लिà¤, जब कोई आपके बगल में छींकता है और आप दूषित हवा में सांस लेते हैं।
निमोनिया कà¥à¤¯à¤¾ है?
निमोनिया à¤à¤• फेफड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो हलà¥à¤•े से लेकर गंà¤à¥€à¤° तक हो सकता है जिसके लिठआपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाना पड़ता है। यह तब होता है जब किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण आपके फेफड़ों में हवा की थैली (आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ कहेगा) दà¥à¤°à¤µ या मवाद से à¤à¤° जाती है। इससे आपके रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में जाने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ में सांस लेना आपके लिठमà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। फेफड़ों का यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ किसी को à¤à¥€ हो सकता है। लेकिन 2 वरà¥à¤· से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और 65 वरà¥à¤· से अधिक उमà¥à¤° के लोगों को इसका अधिक खतरा होता है। इसका कारण यह है कि आपकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ इससे लड़ने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मजबूत नहीं हो सकती है। निमोनिया à¤à¤• या दोनों फेफड़ों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है। आप इसे पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ à¤à¥€ कर सकते हैं और इससे पूरी तरह अनजान हो सकते हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसे वॉकिंग निमोनिया कहते हैं। कारणों में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरस और कवक शामिल हैं। यदि आपका निमोनिया बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या वायरस का परिणाम है, तो आप इसे किसी और को फैला सकते हैं। जीवनशैली की आदतें, जैसे सिगरेट पीना और बहà¥à¤¤ अधिक शराब पीना à¤à¥€ आपके निमोनिया होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा सकता है।
छवियां/निमोनिया
निमोनिया संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• है?
निमोनिया पैदा करने वाले कीटाणॠसंकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• होते हैं। इसका मतलब है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में पारित किया जा सकता है। छींकने या खांसने से वायà¥à¤œà¤¨à¤¿à¤¤ बूंदों को साà¤à¤¸ लेने से, वायरल और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया दोनों को दूसरों में सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित किया जा सकता है। इस पà¥à¤°à¤•ार का निमोनिया बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या वायरस के संपरà¥à¤• में आने से फैलता है जो सतहों या वसà¥à¤¤à¥à¤“ं पर निमोनिया का कारण बनता है। फंगल निमोनिया परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ से अनà¥à¤¬à¤‚धित किया जा सकता है। हालाà¤à¤•ि, यह à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में पारित नहीं होता है।
निमोनिया à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में कैसे फैलता है?
निमोनिया तब फैलता है जब किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के खांसने या छींकने पर निमोनिया बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या वायरस यà¥à¤•à¥à¤¤ दà¥à¤°à¤µ की बूंदों को हवा में फेंक दिया जाता है और फिर दूसरों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ साà¤à¤¸ लिया जाता है। आपको निमोनिया से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पहले छूई गई किसी वसà¥à¤¤à¥ (जो कीटाणà¥à¤“ं को सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरित करता है) या संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपयोग किठगठऊतक को छूने और फिर उनके मà¥à¤‚ह या नाक को छूने से à¤à¥€ निमोनिया हो सकता है।
लकà¥à¤·à¤£
निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£ इतने हलà¥à¤•े हो सकते हैं कि आपको पता ही नहीं चलता कि वे इतने गंà¤à¥€à¤° हैं कि आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ होने की आवशà¥à¤¯à¤•ता है। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का पà¥à¤°à¤•ार जो निमोनिया का कारण बनता है, आपकी आयॠऔर आपका समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯, यह सब इस बात को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है कि आपका शरीर बीमारी के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कैसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करता है। निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£ और लकà¥à¤·à¤£ शामिल हो सकते हैं:
खांसने से हरा, पीला या लाल रंग का बलगम à¤à¥€ बन सकता है।
बà¥à¤–ार, पसीना और ठंड लगना।
सांस लेने मे तकलीफ
तीवà¥à¤°, उथली शà¥à¤µà¤¾à¤¸
सीने में तेज या चà¥à¤à¤¨à¥‡ वाला दरà¥à¤¦ जो गहरी सांस लेने या खांसने पर बढ़ जाता है
à¤à¥‚ख में कमी, कम ऊरà¥à¤œà¤¾, और थकान।
मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€, खासकर छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में।
à¤à¥à¤°à¤®, खासकर वृदà¥à¤§ लोगों में।
कारणों
निमोनिया के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हैं:
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया: यह पà¥à¤°à¤•ार विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जीवाणà¥à¤“ं के कारण होता है। सबसे आम सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस नà¥à¤¯à¥‚मोनिया है। यह आमतौर पर तब होता है जब शरीर किसी तरह से कमजोर हो जाता है, जैसे बीमारी, खराब पोषण, वृदà¥à¤§à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾, या खराब पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾, और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ फेफड़ों में अपना काम करने में सकà¥à¤·à¤® होते हैं। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया सà¤à¥€ उमà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है, लेकिन यदि आप शराब का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— करते हैं, सिगरेट पीते हैं, दà¥à¤°à¥à¤¬à¤² हैं, हाल ही में सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ है, शà¥à¤µà¤¸à¤¨ रोग या वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, या कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ है, तो आपको अधिक जोखिम है।
वायरल निमोनिया: यह पà¥à¤°à¤•ार फà¥à¤²à¥‚ (इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा) सहित विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वायरस के कारण होता है, और सà¤à¥€ निमोनिया के लगà¤à¤— à¤à¤• तिहाई मामलों के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° होता है। यदि आपको वायरल निमोनिया है तो आपको बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ हो सकती है।
माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ निमोनिया: इस पà¥à¤°à¤•ार के कà¥à¤› à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ और शारीरिक लकà¥à¤·à¤£ होते हैं और इसे à¤à¤Ÿà¤¿à¤ªà¤¿à¤•ल निमोनिया कहा जाता है। यह जीवाणॠमाइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ नà¥à¤¯à¥‚मोनिया के कारण होता है। यह आमतौर पर हलà¥à¤•े, वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• निमोनिया का कारण बनता है जो सà¤à¥€ आयॠसमूहों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है।
अनà¥à¤¯ निमोनिया: अनà¥à¤¯ कम सामानà¥à¤¯ नà¥à¤¯à¥‚मोनिया हैं जो कवक सहित अनà¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के कारण हो सकते हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ निमोनिया ठीक हो सकता है?
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• à¤à¤œà¥‡à¤‚ट निमोनिया का कारण बनते हैं। उचित पहचान और उपचार से, निमोनिया के कई मामलों को जटिलताओं के बिना ठीक किया जा सकता है। जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ के लिà¤, à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं को जलà¥à¤¦à¥€ बंद करने से संकà¥à¤°à¤®à¤£ पूरी तरह से दूर नहीं हो सकता है। इसका मतलब है कि आपका निमोनिया वापस आ सकता है। à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं का जलà¥à¤¦à¥€ बंद होना à¤à¥€ à¤à¤‚टीबायोटिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ में योगदान कर सकता है। à¤à¤‚टीबायोटिक पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का इलाज करना अधिक कठिन होता है।
वायरल निमोनिया अकà¥à¤¸à¤° घरेलू उपचार से à¤à¤• से तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में ठीक हो जाता है। कà¥à¤› मामलों में, आपको à¤à¤‚टीवायरल की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है। à¤à¤‚टिफंगल दवाà¤à¤‚ खमीर निमोनिया का इलाज करती हैं और उपचार की लंबी अवधि की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है।
निदान
आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ और आपके चिकितà¥à¤¸à¤¾ इतिहास के बारे में सवालों से शà¥à¤°à¥‚ करेगा, जैसे कि कà¥à¤¯à¤¾ आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं और घर, सà¥à¤•ूल या काम पर बीमार लोगों के आसपास रहे हैं। तब वे आपके फेफड़ों की सà¥à¤¨à¥‡à¤‚गे। यदि आपको निमोनिया है, तो आप साà¤à¤¸ लेते समय चटकने, बà¥à¤¦à¤¬à¥à¤¦à¤¾à¤¹à¤Ÿ या गड़गड़ाहट सà¥à¤¨ सकते हैं। यदि आपके डॉकà¥à¤Ÿà¤° को लगता है कि आपको निमोनिया हो सकता है, तो वे संà¤à¤µà¤¤à¤ƒ कà¥à¤› परीकà¥à¤·à¤£ करेंगे, जिनमें शामिल हैं:
आपके फेफड़ों में संकà¥à¤°à¤®à¤£ का पता लगाने के लिठछाती का à¤à¤•à¥à¤¸-रे और यह कितनी दूर तक फैल गया है।
रकà¥à¤¤ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को मापने के लिठपलà¥à¤¸ ऑकà¥à¤¸à¥€à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¥¤
à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण के लिठआपके फेफड़ों में तरल पदारà¥à¤¥ की जांच करने के लिठà¤à¤• थूक परीकà¥à¤·à¤£à¥¤
यदि आपके लकà¥à¤·à¤£ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ हैं या यदि आपको अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं, तो आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° और परीकà¥à¤·à¤£ कर सकता है, जैसे:
आपकी धमनियों में से à¤à¤• से खींचे गठरकà¥à¤¤ की थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ को मापने के लिठà¤à¤• धमनी रकà¥à¤¤ गैस परीकà¥à¤·à¤£à¥¤
रà¥à¤•ावटों या अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठअपने वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— की जाà¤à¤š करने के लिठबà¥à¤°à¥‹à¤‚कोसà¥à¤•ोपी।
आपके फेफड़ों की अधिक विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ तसà¥à¤µà¥€à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने के लिठसीटी सà¥à¤•ैन।
à¤à¤• फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸ दà¥à¤°à¤µ संसà¥à¤•ृति, जिसमें चिकितà¥à¤¸à¤• निमोनिया पैदा करने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की तलाश के लिठफेफड़ों के आसपास के ऊतकों से थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में तरल पदारà¥à¤¥ निकालता है।
उपचार
निमोनिया का उपचार इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि आपको किस पà¥à¤°à¤•ार का निमोनिया है, आपके संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बनने वाले कीटाणॠऔर आपका निमोनिया कितना गंà¤à¥€à¤° है। अधिकांश लोग जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सामà¥à¤¦à¤¾à¤¯à¤¿à¤• उपारà¥à¤œà¤¿à¤¤ निमोनिया (सबसे सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार का निमोनिया) है, उनका इलाज घर पर ही किया जाता है। उपचार के लकà¥à¤·à¥à¤¯ संकà¥à¤°à¤®à¤£ को ठीक करना और जटिलताओं को रोकना है। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया का इलाज à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ नामक दवाओं से किया जाता है। जैसा कि आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करता है आपको à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ लेना चाहिà¤à¥¤ दवा खतà¥à¤® करने से पहले आप बेहतर महसूस कर सकते हैं, लेकिन आपको बताठअनà¥à¤¸à¤¾à¤° इसे लेना जारी रखना चाहिà¤à¥¤ यदि आप बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦à¥€ बंद कर देते हैं, तो निमोनिया वापस आ सकता है।
अधिकांश लोगों में à¤à¤‚टीबायोटिक उपचार के à¤à¤• से तीन दिनों के बाद सà¥à¤§à¤¾à¤° शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। इसका मतलब है कि उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बेहतर महसूस करना चाहिठऔर खांसी और बà¥à¤–ार जैसे लकà¥à¤·à¤£ कम होने चाहिà¤à¥¤ वायरल निमोनिया जब निमोनिया का कारण वायरस होता है तो à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ काम नहीं करती हैं। यदि आपको वायरल निमोनिया है, तो आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसके इलाज के लिठà¤à¤• à¤à¤‚टीवायरल दवा लिख ​​सकता है। वायरल निमोनिया आमतौर पर à¤à¤• से तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में ठीक हो जाता है। गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का इलाज करना आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में इलाज कराने की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो सकती है यदि:
आपके लकà¥à¤·à¤£ गंà¤à¥€à¤° हैं
अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के कारण आपको जटिलताओं का खतरा है
यदि आपके रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का सà¥à¤¤à¤° कम है, तो आपको ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ थेरेपी मिल सकती है। यदि आपको बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया है, तो आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको à¤à¤• नस में डाली गई अंतःशिरा (IV) लाइन के माधà¥à¤¯à¤® से à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ दे सकता है। सामानà¥à¤¯ उपचार सलाह और अनà¥à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ देखà¤à¤¾à¤²à¥¤ यदि आपको निमोनिया है, तो अपनी उपचार योजना का पालन करें, बताई गई सà¤à¥€ दवाà¤à¤‚ लें, और अनà¥à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ चिकितà¥à¤¸à¤¾ देखà¤à¤¾à¤² पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें।
जोखिम के कारण
हालांकि निमोनिया किसी को à¤à¥€ हो सकता है, लेकिन कà¥à¤› लोगों को इसका खतरा अधिक होता है। निमोनिया तब होता है जब फेफड़ों के अंदर संकà¥à¤°à¤®à¤£ विकसित हो जाता है। यह शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संबंधी जटिलताओं का कारण बन सकता है और शरीर के अनà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤—ों में फैल सकता है, जैसे कि रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¥¤ जिन लोगों को निमोनिया होने की सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है उनमें शामिल हैं:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और नवजात शिशà¥à¤“ं में पूरी तरह से परिपकà¥à¤µ नहीं हà¥à¤ˆ है
कमजोर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ वाले वृदà¥à¤§ लोग
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को
लोग दवाà¤à¤‚ ले रहे हैं जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को दबाते हैं
कैंसर, à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ और à¤à¤¡à¥à¤¸ जैसी बीमारियों से पीड़ित लोग जो पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को कमजोर करते हैं
ऑटोमà¥à¤¯à¥‚नà¥à¤¯à¥‚न बीमारियों वाले लोग, जैसे रूमेटोइड गठिया
कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज (COPD), सिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤• फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (CF), या असà¥à¤¥à¤®à¤¾ से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿
निमोनिया के जोखिम वाले लोगों को उन लोगों के आसपास विशेष रूप से सावधान रहना चाहिठजिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हाल ही में निमोनिया या अनà¥à¤¯ शà¥à¤µà¤¸à¤¨ संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤† हो।
| --------------------------- | --------------------------- |